पाकिस्तानी नाभिकीय वैज्ञानिक की दिल्ली को पांच मिनट में खत्म करने की चेतावनी एक मूर्खतापूर्ण चेतावनी है। भारत का नाभिकीय शस्त्रागार भी भरा हुआ है, लेकिन हम शेखी नहीं करते हैं।

Posted on by Hasan Khan
 
  

पाकिस्तान के नाभिकीय पुरूष डॉ0 अब्दुल कादिर खान ने हाल ही में कहा कि वह दिल्ली को कहौता( रावलपिंडी के पास) से पांच मिनट में खत्म कर सकते हैं। कहौता, कहौता अनुसंधान प्रयोगशाला (केआरएल) के लिये घर है, जो पाकिस्तान की यूरेनियम संवर्धित सुविधा कुंजी है और परमाणु बम प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

नई दिल्ली ने डॉ0 खान के कथन को महत्वहीन मानते हुये खारिज कर दिया, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उस नाभिकीय वैज्ञानिक की, इस चेतावनी का बहुत अधिक महत्व नहीं हो सकता है, जो पिछले एक दशक से किसी भी प्रोजेक्ट पर काम नहीं कर रहे हैं। टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुये, पूर्व-सेना प्रमुख जनरल एनसी विज ने कहा कि भारत भी पूरे पाकिस्तान को लक्ष्य कर सकता है, लेकिन नाभिकीय हथियार प्रतिरोध करने के लिये हैं न कि हमला करने के लिये है।

Dr Abdul Qadeer Khan

अस्सी साल के डॉ0 अब्दुल कादिर खान को पाकिस्तान के नाभिकीय कार्यक्रम का पिता माना जाता है।

खान 2004 में अपमानित हुये थे जब उन्हें नाभिकीय तकनीकि विस्तार के लिये उत्तरदायित्व स्वीकार करने के लिये दबाव डाला गया था, और आधिकारिक रूप से घर में नजरबंद रहने के लिये दबाव डाला गया था। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने 2009 में प्रतिबंध को हटाया, और पाकिस्तान के अंदर स्वतंत्र घूमने की अनुमति भी दी।

खान की चेतावनी याद दिलाती है कि कैसे पाकिस्तान लगभग हर बार किसी घटना पर, जिससे भारत को लाभ होता हो+, अपनी प्रतिक्रिया देता है। खान के कथन से दो दिन पहले ही, नाभकीय आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिये भारतीय प्रयास से अमेरिका ने अपना हाथ पीछे खींच लिया। चीन और पाकिस्तान चिंतित दिखाई पड़ रहे है, और उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार का कदम क्षेत्र में तनाव को बढ़ायेगा। इस क्रम में, अमेरिका ने कहा,यह हथियारों की दौड़ के बारे में नहीं है, बल्कि नाभिकीय ऊर्जा के नागरिक उपयोग के बारे में हैं। यह पाकिस्तान के लिये जलन का मुख्य कारण हो सकता है।

Pakistan's nuke man Dr Abdul Qadeer Khan recently said that it can "target" Delhi from Kahuta (near Rawalpindi) in five minutes.

पाकिस्तान के नाभिकीय पुरूष डॉ0 अब्दुल कादिर खान  ने हाल ही में कहा कि यह दिल्ली को कहौत (रावलपिंडी के पास) से पांच मिनट में लक्ष्य कर सकता है।

खान ने बहुत ही गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी नाभिकीय हमले के बारे में किया है। इस्लामाबाद को खान की टिप्पणी के लिए गुस्से से अवश्य छटपटाना चाहिये, क्योंकि पाकिस्तान बलूचिस्तान क्षेत्र से आतंकवाद को खत्म करने की असमर्थता को प्राप्त कर चुका है। खान की चेतावनी, इससे कोई मतलब नहीं रखता है कि कितना गैरमहत्वपूर्ण है, उस देश की अंतिम इच्छा जो वह चाहता है।

विडम्बना यह है कि, खान की चेतावनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस विचार के बाद आयी है कि भारत पाक सम्बंध “वास्तविकता में एक नई ऊंचाईयों पर पहुंच सकते है” अगर पाकिस्तान “स्वयं का लगाया हुआ” आतंकवाद का गतिरोध हटाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश बहुत गंभीरता से इस्लामाबाद द्वारा लिया जाना चाहिये।

Narendra Modi and Obama

खान के कथन से दो दिन पहले ही, नाभकीय आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिये भारतीय प्रयास से अमेरिका ने अपना हाथ पीछे खींच लिया।

अगर पाकिस्तान अपनी गिरती हुई अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करना और विकास के पथ पर आगे बढ़ना चाहता है, तो इसे अपने देखने के तरीके में बदलाव लाना होगा। नाभिकीय संघर्ष के क्रम में पाकिस्तान के बूढ़े नाभिकीय वैज्ञानिक द्वारा की गयी अचानक से बड़बड़ाहट वास्तविकता में हमें डरा नहीं पायेगी।

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