रूबी राय, एक शीर्ष पर पहुंचने वाली से लेकर एक कलंकित छात्रा….. यह देखकर मेरा दिल टूट गया कि छोटी लड़की को एक अपराधी की तरह ले जाया जा रहा था।

Posted on by kapil
 
  

एक शीर्ष पर पहुंचाने वाली से लेकर कलंकित छात्रा बनने में मात्र एक महीने का समय का लगा…. यह अवश्य ही रूबी राय, बिहार के 12वी बोर्ड परीक्षा में शीर्ष पर पहुंचने वाली, के लिये एक भयावह दु:स्वप्न के समान रहा होगा, जो अब टीवी कैमरे के सामने पोलिटिकल साइंस को “प्रोडिगल साइंस” के रूप में उच्चारण करने और इसे ‘खाना बनाने वाले विज्ञान को बताने के लिये’ मशहूर है।

Ruby Rai

रूबी राय बीएसईबी अधिकारियों के समक्ष पुन: जांच के लिये बैठी है

बिहार शिक्षा परिषद ने रूबी के परीक्षा परिणाम को तब रद्द कर दिया जब वह निन्दित तरीके से पुन:जांच में असफल हो गयी थी। और बिहार यहीं नहीं रुका था। यह विचार दिया गया कि कि उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जाय जिससे राज्य में भ्रष्टाचार के साथ सही तरीके से निपटा जा सकेगा।

लेकिन क्या वास्तविकता में रूबी के साथ ऐसा व्यवहार उचित है। क्या हम सब उसके जीवन को दागदार नहीं कर रहे हैं? उसे अपनी सारी ज़िंदगी दाग के साथ बितानी पड़ेगी। वह अब तक 18 साल की भी नहीं हुयी है।

Ruby rai arrested

रूबी राय को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है

इससे ज्यादा और क्या बेतुका हो सकता है कि एक अवयस्क लड़की को अपराधी की तरह गिरफ्तार इसलिये किया गया क्योंकि उसने परीक्षा में अनजाने तरीके से शीर्ष स्थान को प्राप्त किया था? मैं इसे अनजाने में इसलिये कह रहा हूं क्योंकि रूबी परीक्षा माफियाओं से मिलने स्वयं नहीं जा सकती थी, लाखों रूपये उसने नहीं चुकाया था और न ही शीर्ष स्थान को प्राप्त करने के लिये सभी गलत कार्यों में शामिल थी।

पुलिस की जांच पड़ताल में, रूबी ने संकेत दिया था कि उसके पिता, एक भूतपूर्व सैनिक और कॉलेज के प्राचार्य बच्चा राय का, परीक्षा में शीर्ष स्थान पर पहुंचाने में, हाथ रहा होगा। विज्ञान में शीर्ष स्थान पाने वाला सौरभ श्रेष्ठ, तृतीय स्थान पाने वाले राहुल कुमार और विष्णु राय कॉलेज प्राचार्य बच्चा राय की लड़की शालिनी राय, अन्य तीन लोग हैं जिनके विरूद्ध गिरफ्तारी का आदेश जारी किया गया है। बच्चा राय पहले से ही पुलिस की हिरासत में हैं। मैं आश्चर्यचकित हूँ कि मीडिया क्यों नहीं प्राचार्य का पीछा करती है।

Science topper Saurbabh Shrestha

विज्ञान में शीर्ष स्थान पाने वाले सौरभ श्रेष्ठ के उसके सर्वश्रेष्ठ परिणाम को बीएसईबी द्वारा रद्द कर दिया गया।

सोमवार को विशेष जांच समूह (एसआईटी) ने बिहार स्कूल परीक्षा मंडल(बीएसईबी) सचिव हरिहरनाथ झा को अनियमिताओं में उनके शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। बोर्ड के पूर्व चेयरमैन लालकेश्वर प्रसाद सिंह से जब पुलिस द्वारा पूछतांछ की गयी तो उन्होंने झा के नाम का खुलासा किया था। लेकिन हमने अभी तक उनके चित्र को अबतक किसी भी न्यूज़ चैनल पर अपने लालच के लिये शिक्षा प्रणाली को नष्ट करने के अपराधी के रूप में नहीं देखा है।

हम क्यों एक अकेली लड़की को ही लक्ष्य कर रहे हैं और हर कदम पर उसे ही मुख्य मुद्दा बना रहे हैं? मैं एक उत्तर का अनुमान लगा रहा हूं कि वह सबसे अधिक कमजोर है। अपने मस्तिष्क में वह अपराधी नहीं है। पुन:जांच में गड़बड़ी के पकड़े जाने के बाद रूबी को पुलिस के द्वारा पकड़ लिया गया था,लेकिन उसने अपना मुंह ढ़कने से मनाकर दिया था। यद्यपि पुलिस ने, उसे अपने चेहरे पर पर्दा डालने के लिये, समझाने की कोशिश किया था। रूबी को महिला पुलिस द्वारा अपराधी की तरह ले जाते हुये देखकर मेरा दिल ही टूट  गया।

रूबी ने अपने घर से विष्णु राय कॉलेज, कीरतपुर तक चक्कर लगाया था, जो एक साल पहले से ही राडार पर था जब से कक्षा 12 की सभी १००७ विद्यार्थी २०१५ में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुये थे। अधिकारियों ने कॉलेज की मान्यता को खुलासा होने के बाद रद्द कर दिया था।

Bihar cheating exams

वैशाली जिले के मह्नार में विद्या निकेतन पर 10 वीं के २०१५ के बोर्ड परीक्षा में नकल का दृश्य

बिहार की शिक्षा प्रणाली से भ्रष्टाचार की बदबू आ रही है। पिछले साल, हिला देने वाले चित्रों को दिखाया था जिसमें वैशाली के स्कूल में 10वीं बोर्ड परीक्षा में लोग अपने पाल्यों की सहायता के लिये दिवाल पर कैसे चढ़ रहे थे। लेकिन भगवान के लिये, रूबी राय भ्रष्टाचार का चेहरा नहीं है। वह मात्र एक पीड़िता है, और बिहार परिक्षा माफिया के मुख्य स्तम्भों के चेहरों को बचाने में हिस्सा ले रही है।

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