नरेंद्र मोदी ने काला धन रखने वालों के ऊपर बहुत गोपनीयता के साथ घात लगाया है

Posted on by Arnab
 
  

यह भारतीय इतिहास में अब तक हुयी सबसे बड़ी चढ़ाई है जो काला धन रखने और नकली नोटों के डीलरों के ऊपर हुयी है। यह हमला उनके लिये अचानक होने वाली मौत के समान था।

प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने, बिना किसी चेतावनी के, 500 और 1000 के नोटों को मंगलवार की शाम को एक घोषणा के माध्यम से रद्दी घोषित कर दिया। इसके पीछे का मुख्य कारण अवैध मुद्रा को पकड़ने और उसके संकट से निपटना लक्ष्य था, जो भष्टाचार का पोषण और आतंकवाद की मदद कर रहा था।

Black money

500 और 1000 के नोटों को रद्दी घोषित करने के कदम ने सारे राष्ट्र को चौंका दिया है

सरकार काले धन के अभिशाप का सामना कर पाने में भी बहुत अधिक दबाव का सामना कर रही है। मुद्रा, जो रिश्वत और आतंक को धन उपलब्ध कराने में अधिक प्रयुक्त हो रही थी, के विमुद्रीकरण के उपचारात्मक कदम के साथ नरेंद्र मोदी ने कृत्रिम रूप से भ्रष्टाचारियों के लिये सभी दरवाजे बंद कर दिये हैं। वह उन्हें समर्पण करने के लिये मजबूर कर दे रहे हैं।

सरकार द्वारा पिछले ढ़ाई दशकों में कई सारे कदमों को उठाये जाने के बावजूद, भारत का वैश्विक क्रम भ्रष्टाचार के मामले में 100 वें पायदान के मुकाबले 76 वें स्थान तक ही पहुंचा है। विश्व बैंक ने, जुलाई 2010 में, अनुमान लगाया कि भारत की आभासी अर्थव्यवस्था 1999 कि जीडीपी की 20.7 प्रतिशत थी, जो 2007 में 23.2 प्रतिशत तक पहुंची है। यह देश के महत्वपूर्ण अंगों को खा जा रहा है, साथ ही इसके आधारिक ढ़ांचे को कमजोर कर रहा है। यह सरकार को अधिकारिक रुप से मिलने वाले राजस्व से भी वंचित कर रहा है, जो जनसामान्य के कल्याण और विकास के लिये प्रयोग किया जा सकता है।

Black money

एटीएम की लाइन में लगे हुये लोग 100 रूपये के नोट निकालने के लिये, अहमदाबद में

साथ ही राजनैतिक बाधायें भी सामने खड़ी है। यह उपयुक्त रूप से प्रभावी होगा और गैरजिम्मेदार धन को, होने वाले राज्य चुनावों में, राजनितिक पार्टियों द्वारा खर्च करने रोका जा सकता है।

इस हाल ही के प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हुये हमले ने मीठे दर्द को पैदा कर दिया है। सामान्य लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन लम्बे समय में, यही इन लोगों में देश के संचालन में विश्वास के अनुभव को भी लायेगा। यह एक छोटा सा सहयोग होगा जिसे देश से भ्रष्टाचार और आतंकवाद को हटाने के लिये किया जा रहा है। जबकि बहुत सारे लोगों ने इस कदम का स्वागत किया, वहीं कांग्रेस इसकी कमी निकालने में लगा हुआ है। विचारों से दिवालिया हुये, कांग्रेस नेता देश के मनोवेग के साथ जुड़ने में असफल हैं।

Black money

2000 रूपये और 500 रूपये के नये नोट, पूरी तरह से नये आकार के साथ

नरेंद्र मोदी ने अपने जनता के प्रति जवाबदेही को न केवल बार बार दोहराया है, बल्कि कालाबाजारियों और धूर्तों को समाप्त करने वाली अपनी छवि को भी बनाया है। उन्होंने घोषित किया है कि वह पूंजीवादियों के साथ नहीं है, जैसा कि कांग्रेस बिना किसी ठोस आधार के दावा कर रही है।

निस्संदेह, यह निर्णय अचानक से सामने आया है, लेकिन अगर कोई ध्यान दे और बीच के लाइनों को पढ़े, प्रधानमंत्री मोदी, अब से कुछ दिन पहले इन कठोर उपायों का संकेत दे चुके थे।

अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में मोदी ने काले कमाई करने वाले लोगों को समानुभूतिक रूप से चेतावनी दे दिया था।

मोदी ने इसे अपने सीने में छुपा के रखा था, एक चाल जिसे जनता के बीच में समर्थन मिल चुका है। और कांग्रेस को संदर्भित करने वाला बिंदु भी दे चुका है।

धन को छुपा कर रखने वालों को अपने अवैध अस्तियों को ‘स्वैच्छिक घोषणा’ योजना में यह कहते हुये मौका दिया कि, “यह आप लोगों के लिये आखिरी मौका है” । लेकिन बहुत सारे भ्रष्ट लोगों ने इस चेतावनी संकेत पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने सोचा, जैसा अन्यों की तरह करते थे, इस बार भी इससे बच कर निकल जायेंगे।

Black money

यह चाल निश्चित रूप से देश के इतिहास में सबसे अच्छे रहस्यों में से एक है।

उन्होंने काला धन के विरूद्ध सर्जिकल हमला करने का वादा हाल ही में वडोदरा में किया था, लेकिन इसे केवल आशय समझा गया था।

 

Tagged , , , , , , , , , |