जवाहर लाल नेहरू- रसिक

Posted on by Anand Mukherjee
 
  

“मध्य रात्रि के घंटे की चोट पर जब सारी दुनिया सो रही होगी, भारत जीवन और स्वतंत्रता के लिये जागेगा।”

 ये शक्तिशाली शब्द, हर किसी को याद होगा जो भारत को चाह्ते हैं, आधुनिक राष्ट्र के पिता, जवाहर लाल नेहरू, द्वारा कहे गये थे, जब 60 साल से ज्यादा समय पहले भारत आज़ाद हो रहा था। छोटे बच्चों के लिये चाचा नेहरू के रूप में भी जाने जाते है। इन सब चीजों को जानने के बावजूद, क्या आप लोगों ने उनके पारिवारिक इतिहास, उनके सहवास सम्बन्धों, बहुत सारी लड़कियों से प्रेम प्रसंगों,  उनके परिवार के अनकहे सच और उनकी लालची राजनीति के बारे में कभी सोचा। अगर आप इन सब के बारे में जानना चाहते हैं, तो आपको इस लेख को पढ़ना चाहिये।

nehru

  1. गयासुद्दीन गाज़ी से गंगाधर नेहरू

nehru-family1

जवाहरलाल नेहरू एक मुस्लिम थे। उनके दादा ने अपना नाम गियासुद्दीन गाज़ी से बदल कर गंगाधर नेहरू कर लिया था। 1857 में, दिल्ली पर अधिकार करने के बाद ब्रिटिश वालों ने गहन शोध करके हर मुगल को मार डाला जिससे कि भविष्य में दिल्ली की सत्ता पर कोई भविष्य में भी अपना अधिकार बता सके। यही कारण था कि उन्होंने हिंदू नाम अपनाया। एक व्यक्ति के धर्म से हमारा कोई सरोकार नहीं है लेकिन तथ्य को छुपाने से हमारा सरोकार है।

  1. जवाहर एक रसिक

nehru_edwina

ठीक हमारे अपने ‘महात्मा गांधी’ की तरह, जवाहरलाल नेहरू को भी विभिन्न लड़कियों के साथ सहवास का शौक था जबकि उनकी पत्नी, कमला नेहरू अस्पताल में भर्ती थी। जवाहरलाल नेहरू एक बनारसी लड़की के साथ और अन्य किशोरियों के साथ जुड़े थे। नेहरू रसिक प्रकार के थे। उन्हें शराब पीने और धूम्रपान करने का शौक था। इन सब के ऊपर, यह कहा जाता है कि नेहरू की मौत यौन संक्रमित रोग के कारण हुई थी। अचम्भित? मैं भी था, लेकिन यह सत्य है।

  1. एक बच्चे का जन्म

nehru-affairs1

जवाहर लाल नेहरू को एक पुत्र श्रद्धा माता से हुआ, जो 1949 में बनारस में सन्यासन थी, उनके भारत के प्रधानमंत्री बनने के बाद हुआ। जवाहर लाल नेहरू का यह पुत्र भारत में आज भी जीवित हो सकता है और साठ के दशक में एक आदमी हो सकता है। और उसकी जन्मतिथि का अनुमान 30 मई 1949 लगाया जाता है। नेहरू के निजी सचिव एम ओ मथाई ने इस बच्चे के होने कि पुष्टि की है, उसका पता लगाने का कोई भी प्रयास कभी नहीं किया गया।

  1. जवाहर लाल नेहरू और उनके कई सम्बंध

Jacqueline-Kennedy_pandit_nehru1

हमारे तथाकथित ‘चाचा नेहरू’ का प्रेम प्रसंग सरोजनी नायडू की पुत्री पदमजा नायडू के साथ भी था, जिसे नेहरू जी ने बंगाल का गवर्नर नियुक्त किया था। यह उद्घाटित है कि वह उनका चित्र अपने शयनकक्ष में रखते थे, जिसे इंदिरा प्राय: हटा देती थीं। यह पिता और पुत्री के बीच तनाव का कारण भी था।

  1. जवाहर लाल, एक बहुरूपिया

gandhi-patel-nehru

नेहरू भारत के प्रधानमंत्री बनना चाहते थे, इसलिये उन्होंने गांधीजी को ब्लैकमेल किया कि यदि वह उनका समर्थन नहीं करेंगे, तो वह ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस’ को खत्म कर देंगे और भारत को 545 भागों में तोड़ देंगे, जो ब्रिटिश वालों की वास्तविक योजना थी। भारत के प्रधानमंत्री पद के लिये सुभाष चंद्र बोस और डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी, जवाहर लाल नेहरू के प्रतियोगी थे और दोनों की ही मौत रहस्यात्मक परिस्थितियों के अंतर्गत हुई।

  1. 1962 की बड़ी भूल

Jawaharlal.Nehru_.Beated.Assaulted.China_.War_

1961 में सायनो इंडियन (इंडो चायना) युद्ध में भारत की पराजय के लिये नेहरू उत्तरदायी थे, वह चीन गये और यह कथन दिया कि तिब्बत चीन का भाग नहीं है, लेकिन भारत अधिकृत तिब्बत (सिक्किम) भाग भारत का भाग है। युद्ध में हुआ नुकसान जवाहर लाल नेहरू के 15 साल के कार्यालय में उनके द्वारा की गयी सबसे बड़ी चूक थी। एक संसद सत्र के दौरान, नेहरू ने कहा, “अक्साई चीन में घास का एक तिनका भी नहीं उग सकता; चीन से भारतीय परिक्षेत्र में होना वाला नुकसान बहुत कम है।”एक अन्य सांसद महावीर त्यागी ने नेहरू के गंजे सिर की ओर इशारा करते हुये कहा, “यहाँ कुछ भी नहीं उगता है। इसे काट देना चाहिये या किसी और को देने के लिये छोड़ देना चाहिये?”

  1. मोती लाल, वेश्यालय रखवाला

Know-how-Jawaha4378

भारत सरकार ने जवाहर लाल नेहरू के जन्म स्थान 77  मीरगंज इलाहाबाद पर एक भी स्मारक का निर्माण नहीं कराया है, क्योंकि यह एक वेश्यालय (रेड लाइट क्षेत्र) है। सम्पूर्ण क्षेत्र को लम्बे समय से रेड लाइट क्षेत्र के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में यह वेश्यालय नहीं है, लेकिन जवाहर लाल नेहरू के जन्म के पहले से ही वेश्यालय हो चुका था। इस घर के एक हिस्से को उनके पिता मोतीलाल नेहरू द्वारा एक वेश्या लाली जान को बेचा गया था और यह ‘इमामाबाद’ के रूप में जाना जाता था।