प्रवीन सिन्हा की जीवनी – Praveen Sinha Biography in Hindi

Posted on by Rashmi Jain
 
  

दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE) और आईआईएम कलकत्ता (IIM Kolkata) से अपनी पढ़ाई करने वाले तथा Jabong के सहसंस्थापक और Managing Director प्रवीन सिन्हा ने जल प्रबंधन उपक्रम आटॉब्रिम को स्थापित किया है। यह एक वायरलेस plug in play समाधान था, जो जल आपूर्ति को स्वचालित तरीके से नियंत्रित करता है। माइक्रोसॉफ्ट और मैक्किंसे में काम करने के बाद उद्यमिता ने उन्हें आकार्षित किया। Praveen Sinha ने सितम्बर 2011 में जबॉंग उपक्रम, फैशन व्यवसाय, की शुरुआत अरूण चंद्र मोहन के वित्तीय सहयोग से किया।

चरणबद्ध तरीके से काम करते हुये 18 महीनों मे ही Jabong ने Fashion की दुनिया में पहला स्थान प्राप्त करने में सफलता प्राप्त की। जबॉंग का नज़दीकी प्रतियोगी Myntra ही था। 2013 के दूसरे भाग में आय और संख्या दोनों ही दृष्टिकोणों से यह सबसे आगे खड़ा हुआ।

2013 में गूगलसर्च में जबॉंग शीर्ष 10 E-commerce साइट में शामिल था। जनवरी 2012 में 100वें आर्डर को पूरा किया। दो साल पहले फेसबुक पर 1 मिलियन लाइक को प्राप्त किया। इन सालों में इसने International Brands को भी शुरु किया जिसे बाद में अन्य ईकॉमर्स साइटों द्वारा भी अपनाया गया।

जबॉंग ने India में ईकॉमर्स की दुनिया में कई नई प्रवृत्तियों की शुरुआत किया जैसे निजी लेबल (फास्फोरस के नाम से), सही उत्पाद और सही गुणवत्ता, प्रबंधित बाज़ार स्थान आदि। Jabong ने छूट के लिये बाज़ार आधारित जटिल प्रकिया को अपनाया है।

एक साक्षात्कार के दौरान प्रवीन सिन्हा ने कहा, “लम्बे समय तक चल सकने वाले बिंदु पर कीमतों को निर्धारित करना होगा। जहाँ तक बात कूपनों या छूट की है तो यह केवल मूल्यों को स्थिर करने में भूमिका निभाती है। जबॉंग हमेशा अधिग्रहण से दूर रहने का प्रयास करता है के प्रश्न का उत्तर देते हुये कहा कि अधिग्रहण तभी होना चाहिये जब उससे लाभ की स्थिति प्राप्त हो। हम अपने Brand और सेवा प्रदाताओं को अपना सहभागी मानते हैं।”

जबॉंग अन्य सभी से बिल्कुल अलग है। यह सिर्फ एक सामान्य व्यापारी नहीं है बल्कि एक बेहतरीन Online Property भी है। जबॉंग उन्हीं कर्मचारियों का चुनाव करता है जो आज को सफल बना सकते है।

आज जबॉंग के पास निवेशकों की कोई कमी नहीं है और लम्बी अवधि के लिये निवेश करने के लिये भी वह तैयार है। कुछ लोगों के लिये पैसे की भूख बहुत मतलब रखती है लेकिन Praveen Sinha का ध्यान विकास के साथ-साथ स्वास्थ्य को बनाये रखने पर भी है।

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