चाहने वाले अपनी किडनी अस्वस्थ सुषमा स्वराज के लिये दान करने के लिये इच्छुक हैं शुभचिंतक मंत्री उनके अच्छे कार्यों के लाभ को काट रहे हैं

Posted on by Arnab
 
  

बृहस्पतिवार की सुबह, दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) को तमिलनाडु से एक आदमी के द्वारा किये गये विचित्र कॉल ने जगा दिया। वह आदमी यह जानना चाहता था कि कैसे वह अपनी किडनी को दान कर सकता है। यह कॉल करने वाला दक्षिण भारत से अकेला नहीं था। एम्स के अधिकारियों ने इसी तरह के चालीस से ज्यादा कॉल को प्राप्त किया है। ये सभी सम्बंधित नागरिक भारत के विभिन्न भागों से अपनी किडनी बाह्य मामलों की मंत्री सुषमा स्वराज को देना चाहते हैं , जो अपनी खराब किडनी के उपचार को करवा रही हैं।

Sushma Swaraj

भोपाल से ट्रैफिक पुलिस के आदमी ने अपनी किडनी का प्रस्ताव, सुषमा स्वराज की ज़िंदगी बचाने के लिये, किया है

स्वराज, एक पूर्व उच्चतम न्यायालय कि अधिवक्ता, अभी डायलिसिस पर है, ने बुधवार को बताया कि वह किडनी खराब होने का उपचार ले रही है। इस अप्रत्याशित और दुखदायी समाचार ने सम्पूर्ण देश और स्वराज के विदेशों में सैकड़ों प्रशंसको को झकझोर दिया।

मंत्री की घोषणा ने सोशल मीडिया पर बड़ी मात्रा में प्रतिक्रिया को खींचा, जिसमें उनके सहयोगी भी शामिल है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर कहा, “सुषमाजी हम इस संकट की घड़ी में आपके साथ है और उम्मीद करते है कि आप जल्द ही स्वस्थ हो जायेगी”। सुषमा जी के अनुयायी उनके ट्विटर पर एकजुटता के साथ सामने आये हैं, उनमें से कुछ ने उनके लिये किडनी का प्रस्ताव भी किया है।

Sushma Swaraj

सुषमा स्वराज का हित चाहने वाले ट्विटर पर

सुषमा स्वराज अगर सम्पूर्ण विश्व में नहीं तो भारत में अब तक कि सबसेअधिक प्रशंसनीय राजनेता है। उनके किये गये कार्यों के लिये संसद में विपक्षियों द्वारा भी प्रशंसा की गयी है। भारत के विदेशी मामलों के मंत्री बनने के बाद से उनकी उपकारी और अपक्षपाती, ट्विटर के माध्यम से, हस्तक्षेप ने उनके कई रूपों को दिखाया है।

विशिष्ट रूप से, लोग प्राधिकारियों से बहुत उम्मीद नहीं करते जब वे विदेशों में किसी समस्या से पीड़ित होते हैं। लम्बे और थका देने वाली फार्म भरने की प्रक्रिया, अलग-अलग कार्यालयों का चक्कर इस उम्मीद में कि कोई सहायता मिल जाय सरकार की ओर से मिलने वाली उम्मीद को भी खत्म कर देता है। लेकिन सुषमा और उनके जिम्मेदार प्रयासों ने अच्छी स्थिति को लाने के लिये परिस्थितियों में बदलाव किया है।

विदेशी धरती से जैसे ही आपात सूचना पासपोर्ट और दूतावास मुद्दों से सम्बंधित से मिलती है, उनकी ट्वीट विदेशी मामलों के मंत्रालय की ओर से प्राय: मिल जाती है। और यह व्यक्त करता है कि क्यों लोग पाकिस्तान के बलूचिस्तान से मंत्री के लिये आगे आ रहे हैं।

Sushma Swaraj with Sonu, the boy who had gotten kidnapped

सुषमा स्वराज सोनू के साथ, जिसका अपहरण कर लिया गया था

एम्स के डॉक्टर का कहना है कि स्वराज का शुगर नियंत्रण की सीमा में है और वह अपने गुर्दे प्रतिरोपण के लिये परिक्षण में रखी गयी हैं। अब तक किसी भी गुर्दा दानकर्ता को अंतिम रूप से चयनित नहीं किया गया है। नियमानुसार, गुर्दा दानकर्ता को पारिवारिक सदस्य होना चाहिये। कानून कहता है कि अगर किसी शव से प्रतिरोपण करना हो तब दानकर्ता के परिवार से सहमति होनी चाहिये।

फिर भी, हजारों की संख्या में लोग द्वारा सहायता के प्रस्ताव ने सुषमा स्वराज को सहारा दिया और वह इसे स्वीकार भी करती है। उन्होंने स्वीकार किया, “कुछ मित्रों ने अपने गुर्दे का मेरे प्रतिरोपण के लिये प्रस्ताव भी कर चुके हैं। मेरे पास उनके प्रति आभार प्रकट करने के लिये शब्द नहीं है।“

Parliament of India misses you, ma'am! Come back soon.

भारत की संसद आपको याद करती है, मैडम जल्दी वापस आ जाओ

मंत्री बीजेपी सरकार की विदेश नीति- सम्बंधित विचार-विमर्श की उच्च समर्थक रह चुकी है। बहुत दुखद है,अभी की परिस्थितियों ने यह सुषमा के लिये असम्भव कर दिया है कि संसद के चलने वाले शीतकालीन सत्र में सम्मिलित नहीं हो पा रही है।

लेकिन निश्चित ही वह बहुत जल्दी मजबूती के साथ वापस आयेंगी। विदेश और भारत में लाखों लोग उनके लिये दुआयें कर रहे हैं। हम उनके मातृसत्तामक शुभचिंता के कार्य देखने की इच्छा करते है। हम प्रार्थना करते है कि वह बहुत जल्द वह अपने पैरों से चलकर वापस आयें।

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