इस कॉलेज में चुस्त पैंट, छोटे पहनावे पहनना खतरनाक है। आप परेशान हो सकते है अगर आप पकड़े गये!

Posted on by Srishti Jain
 
  

वह चिल्ला रही थी, जैसा कि वे फर्श निरीक्षणकर्ता उसे घसीटते हुये ले जा रहे थे, उसके ढ़ीले ढ़ाले कपड़े को पकड़े हुये थे। उसने दया की मांग की, लेकिन निरीक्षणकर्ता को उसपर दया नहीं आ रही थी………

college fff_1444046331

पुराने छात्र चेन्नई में श्री साई राम इंजिनियरिंग कॉलेज के प्रवेश द्वार के पीछे से आती भयानकता को याद करते हैं, एक संस्थान जहाँ आपको घसीटकर अंधेरे कमरे मे ले जाया जाता था और लाठियों से पीटा जाता था, अगर आप काली कमीज़ पहनने की जुर्रत करते थे। एक लोकतांत्रिक देश जैसे भारत में, यह तालिबान जैसा व्यवहार शोचनीय है!

श्री साई राम इंजीनियरिंग कॉलेज, पहनावे पर आये एक सर्कुलर के फैलने के बाद, कुख्यात रूप में प्रचारित हुआ। चुस्त पैंट, पटियाला, छोटे कुर्ते, कसे पहनावे वाले कपड़े और ऐसा ही कुछ भी जो प्रशासकों की सनक और इच्छा को उचित लगे।

tweet

यह तालिबानियों से कैसे अलग है? असहाय बच्चों के ऊपर इस तरह का अत्याचार किया जा रहा है, कालेज केवल उन्हीं छात्रों को दंडित करे जिन्होंने नियमों को तोड़ा है। यह कोई अलग नहीं है कि हम 18वी शताब्दी को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। तालिबानी की तरह नैतिक नेता बन रहे हैं, जो महिलाओं को सौंदर्य प्रसाधन लगाने की, गैरसम्बंधित पुरूष से बात करने देना, या ऐसे कपड़े जिन्हें पहनने पर उन्हें खुशी मिलती है, की अनुमति नहीं देता है। श्री साई राम इंजिनियरिंग कॉलेज के तानाशाही नियम और नीति छात्रों के लिये नरकीय जीवन बना रहे हैं।

“कॉलेज में, जहाँ पढ़े लिखे लोग दूसरों को शिक्षा दे रहे हैं, आप कल्पना कर सकते है कि ये लोग क्या कर रहे होंगे। ये केवल भाड़े के बदमाश है। वे लड़कियों को बालों से पकड़ लेंगे और पूछेंगे, ‘इस तरह के चेहरे के साथ, तुम पढ़ने आयी हो?’ या वे लड़कियों से पूछेंगे ‘उनके कपड़े इतने कसे हुये क्यों हैं’ सभी के सामने प्रतिष्ठा को हानि पहुंचाते हैं, एक पुरानी छात्रा इस निर्दयी, दुखदायी कॉलेज के समय को याद करती है।

12

ऐसे संस्थान को तुरंत बंद या वर्तमान प्रशासन तंत्र को पुनर्गठित करने की सख्त आवश्यकता है।

बालू नाम के एक आदमी, कॉलेज में फर्श निरीक्षणकर्ता, की निर्दयता एक दिन शहरों की किंवदंति हो सकती है। उसने छात्राओं को आतंक और हिंसा से डराया था। अगर इन विघटनकारी शक्तियों को गिरफ्तार, दंडित और अन्यों के लिये उदाहरण नहीं बनाया जाता है तो ये छात्र/छात्राओं के निरीक्षण के लिये नियुक्त किये जाते रहेंगे जिसके कारण वे भारत को, अपने क्रूर कदाचारों से जिसे वे उचित समझते हैं, नर्क बना देंगे।

11

यह अकथनीय वास्तविकता है। कालेज के छात्र/छात्राओं द्वारा सामाजिक मीडिया पर वृहत पैमाने पर लगातार विरोध किये जाने के बावजूद, ये दुष्ट हताश छात्र/छात्राओं पर अपनी राक्षसी वृत्ति को लगातार प्रयोग कर रहे हैं।

Tagged , , , , , , , |

Leave A Response