सहाराश्री सुब्रत राॅय सहारा की पुस्तक ‘थिंक विथ मी’ का थिंक विथ मी समिट 2016 के अवसर पर विशिष्ट व्यक्तियों की उपस्थिति में धूमधाम से अनावरण

Posted on by kapil
 
  

लखनऊ: सहारा इंडिया परिवार के मैनेजिंग वर्कर एवं चेयरमैन श्री सुब्रत राॅय सहारा द्वारा लिखित सर्वांगीण विचारोत्तेजक पुस्तक जिसमे उन्होंने अपने जीवनकालीन अनुभवों तथा भारत किस प्रकार अपने अतीत के गौरव को पुनः प्राप्त कर सकता है के बारे में अपने विचार और अन्तः दृष्टि का समावेश किया है, का अनावरण लखनऊ में सम्पन्न हुआ।
थिंक विथ मी सहाराश्री सुब्रत राॅय सहारा द्वारा लिखित पुस्तकत्रयी की दूसरी पुस्तक है जो भारत भर के अग्रणी बुक स्टोर्स पर उपलब्ध होने के साथ सभी अग्रणी आॅन-लाइन पोर्टलों में भी उपलब्ध है। इस त्रयी की पहली पुस्तक ‘लाइफ मंत्रास’ का वर्ष 2016 के प्रारम्भ में विमोचन हुआ था जो फरवरी 2016 में विमोचन के पश्चात राष्ट्रीय स्तर पर ‘बेस्ट सेलर’ रही थी। इस पुस्तक ने दो बार नाॅन-फिक्शन साहित्य श्रेणी में नम्बर एक का स्थान पाया तथा सात हफ़्तों तक लगातार अखिल भारतीय स्तर पर पांच सर्वाधिक बिकने वाली पुस्तकों में अपनी जगह बनाए रखी।
पुस्तक का अनावरण थिंक विथ मी समिट-2016 के थीम सेशन में किया गया। समिट और पुस्तक के अनावरण के समय अनेक प्रख्यात और गणमान्य व्यक्ति उपस्थिति थे, जिनमें उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव, सदी के महानायक श्री अमिताभ बच्चन, योग और आध्यात्मिक गुरू स्वामी रामदेव, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय वाइस प्रेसीडेंट श्री ओम प्रकाश माथुर, अधिवक्ता तथा बहुजन समाज पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव श्री सतीश चन्द्र मिश्र, शीर्ष टेनिस खिलाड़ी सुश्री सानिया मिर्ज़ा राज्यसभा में विपक्ष के नेता श्री गुलाम नबी आज़ाद, भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता श्री संबित पात्रा, इंडियन नेशनल कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रेसीडेंट श्री राजबब्बर, सिने कलाकार श्री अनिल कपूर, आॅल इंडिया मज़लिस-ए-एत्तेहादुल मुसलिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री असदउद्दीन ओवैसी, भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य इकाई के प्रेसीडेंट श्री केशव प्रसाद मौर्य, लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव श्री जयंत चैधरी आदि सम्मिलित थे।
सहाराश्री सुब्रत राॅय सहारा ने पुस्तक के विमोचन के समय प्रख्यात लेखक और मार्केटिंग गुरू श्री सुहेल सेठ से वार्ता के दौरान कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि स्वतंत्र भारत ने पर्याप्त प्रगति की, हर क्षेत्र में प्रगति की और समृद्धि भी हासिल की, लेकिन हमने अपने लिए जो लक्ष्य निर्धारित किये थे, वे आज भी अधूरे हैं। सच्चाई यह भी है कि आजादी के दौर की समस्याओं से भी बड़ी समस्याएं आज हमारे देश के सामने खड़ी हो गयी हैं, जो भविष्य के बारे में लगातार अशुभ संदेश देती हैं। ऐसे बहुत से विषय हैं जिन पर गहन वार्ता और वाद-विवाद की आवश्यकता है। इस पुस्तक के माध्यम से मैंने गहराई तक पहुंचने वाले विचारोत्तेजक विवरण के द्वारा पाठकों को इस बारे में सोचने के लिए जाग्रत किया है कि किस प्रकार हम अपने देश को आदर्श बना सकते हैं।’’

सहारा इंडिया परिवार के 12 लाख से भी अधिक कार्यकर्ताओं के गौरवान्वित अभिभावक होने के अतिरिक्त श्री सुब्रत राॅय सहारा सदैव से ही एक प्रबुद्ध विचारक, शिक्षक तथा मार्गदर्शक रहे हैं। उनके अद्भुत तथा परम्परा से हटकर जीवन दर्शन सम्बन्धी विचारों ने विश्वभर में ध्यान आकृष्ट किया है तथा प्रशंसा प्राप्त की है। अनेक विख्यात विश्वविद्यालयों तथा संस्थानों ने जैसे हार्वड स्कूल आॅफ बिज़नेस, यूएसए, विभिन्न इंडियन इंस्टीट्यूट आॅंफ टैक्नोलाॅजी/इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेंट तथा बनारस हिन्दू विश्वविद्यालयों ने उन्हें अपने शिक्षण समुदाय और विद्यार्थियों के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया है। इसके अतिरिक्त श्री सुब्रत राॅय सहारा को उनके विभिन्न क्षेत्रों में दिये गये योगदान के कारण अनेक उपाधियों तथा अवार्ड्स से विभूषित किया गया है जिनमें पावर ब्रांड्स आॅफ फेम लंदन (यूके) द्वारा प्रदत्त ‘इंडियन बिज़नेस आइकन आॅफ दि इयर’ अवार्ड, यूनिवर्सिटी आॅफ ईस्ट लंदन द्वारा दी हुई डाक्टर आॅफ बिज़नेस (हानिरस काज़ा) उपाधि तथा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय द्वारा दी गई सर्वोच्च मानद उपाधि ‘डी लिट’ सम्मिलित है।

Tagged , , , |

Leave A Response